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वह जाने लगी

वह जाने लगी तो मेरा उसके पास रह गया आज भी उसके प्यार को तड़पता हूं दिल की बातों का इजहार कर नहीं पाया

तुम पछताओगे जिस दिन हमारे इरादों में बदलाव आ जाएगा इसीलिए कहता हूं मेरे चाहतों का कद्र करना सीख लो

Shayari sangrah Gorakhpur
Hindi shayari 


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